जांबिया के राजनयिक प्रतिनिधिमंडल ने किया जिंदल पावर प्लांट का दौरा
परिचालन क्षमता, सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक की सराहना, ऊर्जा एवं खनन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा
रायगढ़। जाम्बिया गणराज्य के उच्च स्तरीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को तमनार स्थित जिंदल पावर प्लांट का दौरा किया। यह दौरा भारत और जाम्बिया के बीच ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चार्ज डी अफेयर्स मोनिका चिपांटा म्वांसा ने किया। उनके साथ प्रथम सचिव (आर्थिक एवं व्यापार) आइरीन अकोंबेल्वा अपुलेनी भी मौजूद रहीं। जिंदल पावर पहुंचने पर कंपनी के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट की विभिन्न परिचालन इकाइयों का निरीक्षण किया और विद्युत उत्पादन प्रक्रिया, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, डिजिटल संचालन और सुरक्षा मानकों की जानकारी प्राप्त की। जिंदल पावर के कार्यकारी निदेशक जी. वेंकट रेड्डी और अन्य अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को प्लांट की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।
ऊर्जा और आर्थिक विकास पर हुई चर्चा
दौरे के दौरान जाम्बिया के प्रतिनिधिमंडल और जिंदल पावर प्रबंधन के बीच उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में ऊर्जा अवसंरचना की आर्थिक विकास में भूमिका तथा ऊर्जा एवं खनन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यकारी निदेशक जी. वेंकट रेड्डी ने कहा कि जाम्बिया के प्रतिनिधिमंडल का दौरा दोनों देशों के बीच औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान, तकनीक और परिचालन विशेषज्ञता का आदान-प्रदान अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करेगा।
जिंदल पावर की तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना
प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मोनिका चिपांटा म्वांसा ने कहा कि जिंदल पावर का दौरा उनके लिए ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। उन्होंने प्लांट की विशाल परिचालन क्षमता, सुरक्षा मानकों के पालन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट औद्योगिक प्रबंधन का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा और खनन क्षेत्र में भारत और जाम्बिया के बीच ज्ञान साझाकरण और रणनीतिक सहयोग दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी साबित होगा।
निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर
प्रथम सचिव (आर्थिक एवं व्यापार) आइरीन अकोंबेल्वा अपुलेनी ने कहा कि जिंदल पावर की कार्य संस्कृति, परिचालन दक्षता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।



